Thursday, August 15, 2024

कविता : बेटियाँ - शिवांगी सेन


  * कविता - " बेटियाँ " *


बेटियाँ चाहें तो क्या नहीं कर सकतीं,

देश का नाम रोशन कर सकतीं हैं बेटियाँ,

भगवान की बनाई सुंदुर मूरत हैं बेटियाँ।


उन्हें पढ़ाकर तो देखो, 

कैसे सर गर्व से ऊँचा करती हैं बेटियाँ।


उन्हें बेटों के बराबर दर्जा देकर तो देखो, 

कैसे सारी जिम्मेदारियाँ निभाती हैं बेटियाँ।


उनसे रिश्ता बनाकर तो देखो, 

कैसे रिश्ते को अटूट बनाती हैं बेटियाँ।


उन्हें मौका देकर तो देखो, 

कैसे देश को आगे बढ़ाती हैं बेटियाँ।


उन्हें ऊँचा दर्जा देकर तो देखो,

कैसे अभिमान बढ़ाती हैं बेटियाँ।

भगवान की बनाई सुंदर मूरत हैं बेटियाँ.....।।


©️ शिवांगी सेन

(झाँसी, अखंड बुंदेलखंड़) 

12/5/2020, झाँसी



विशेष - 'बेटियाँ' शिवांगी सेन की पहली हिन्दी कविता है।

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